धर्मजयगढ़ वनमंडल में फिर हाथी शावक की मौत, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

रायगढ़, 24 मई 2026। रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ वनमंडल में एक बार फिर हाथी शावक की मौत की खबर सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। लगातार हो रही हाथियों और शावकों की मौत ने जंगल और वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।


कुछ ही दिनों में तीसरे शावक की मौत

जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों के भीतर हाथी शावक की मौत का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

हर बार वन विभाग जांच की बात जरूर करता है, लेकिन अब तक ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। ऐसे में आम लोगों और पर्यावरण प्रेमियों के बीच वन विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।


करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं बच पा रहे वन्यजीव

वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद जंगलों में हाथियों की लगातार हो रही मौतें कई सवाल खड़े कर रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग द्वारा नियमित निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाती, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।


अधिकारियों की जवाबदेही पर उठे सवाल

क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से भी लोगों में नाराजगी है।

लोगों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीवों की निगरानी के बजाय वन अमला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नजर आता है।


क्या हाथियों की मौत के पीछे कोई बड़ी लापरवाही?

लगातार हो रही हाथियों और शावकों की मौत को लेकर अब कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे वन विभाग की लापरवाही मान रहे हैं, तो

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